बुरहानपुर रिपोर्टर योगेश पाटिल,
- वक्फ संपत्ति की रजिस्ट्री पर कानूनी रोक के बावजूद आखिर कैसे हुई रजिस्ट्री? प्रशासन से जांच की मांग!
बुरहानपुर। जिले में वक्फ संपत्तियों की जमीनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। धार्मिक एवं सामाजिक आस्था से जुड़ी वक्फ संपत्तियों पर कथित रूप से अवैध कब्जे, कॉलोनी विकसित करने और प्लॉट काटे जाने के आरोप सामने आए हैं। मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जमीनी स्तर पर किए गए सर्वे के दौरान शहर के व्यस्ततम हमीदपुर बायपास एवं मोमिन जमात खाना चौराहा सिन्दीबस्ती क्षेत्र के आसपास वक्फ संपत्ति से संबंधित जमीन पर कथित तौर पर कॉलोनी विकसित कर प्लॉट काटे जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित भूमि के खसरा नंबर एवं दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी जल्द सार्वजनिक की जाएगी।

बताया जा रहा है कि जिस भूमि को वक्फ संपत्ति बताया जा रहा है, वहां कॉलोनी के नाम पर प्लॉट काटे जाने का काम किया जा रहा है। यदि भूमि वास्तव में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है, तो उस पर किए गए किसी भी प्रकार के हस्तांतरण, कब्जे या बिक्री की वैधता की जांच किया जाना आवश्यक है।
रजिस्ट्री कैसे हुई, यह बड़ा सवाल:-
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यदि संबंधित जमीन वक्फ संपत्ति है और उसके हस्तांतरण या बिक्री पर कानूनी प्रतिबंध लागू हैं, तो फिर कथित रूप से इन जमीनों की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन दस्तावेजों के आधार पर की गई?

क्या संबंधित भूमि के दस्तावेजों की जांच रजिस्ट्री से पहले की गई थी? :-
राजस्व रिकॉर्ड में जमीन की स्थिति क्या दर्ज है? और यदि जमीन वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज थी, तो उसके बावजूद रजिस्ट्री कैसे हुई—इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। गरीबों और जरूरतमंदों के हक की संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप वक्फ संपत्तियों का उद्देश्य धार्मिक, सामाजिक एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों में उपयोग करना है। ऐसे में यदि किसी वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी विकसित करने या प्लॉट बेचने का प्रयास किया जा रहा है, तो यह गंभीर विषय है और इसकी तत्काल जांच होना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि बुरहानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में वक्फ संपत्तियों का लंबे समय से कथित रूप से दुरुपयोग हो रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
राजस्व विभाग और प्रशासन से जांच की मांग:-
मामले को लेकर राजस्व विभाग, तहसीलदार एवं जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। संबंधित भूमि के खसरा रिकॉर्ड, वक्फ रिकॉर्ड, रजिस्ट्री दस्तावेज और भूमि के वर्तमान उपयोग की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि वक्फ संपत्ति का अवैध रूप से हस्तांतरण, कब्जा या रजिस्ट्री की गई है, तो नियमानुसार संबंधित दस्तावेजों एवं लेन-देन पर कार्रवाई की जानी चाहिए तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
आगे कैसी होगी जाँच, प्रशासन पर नजर:-
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कथित वक्फ भूमि पर चल रहे प्लॉटिंग के खेल की निष्पक्ष जांच कब शुरू होती है।
