ग्राउंड रिपोर्ट रांची।
- उलिहातू में बिरसा ओड़ा में सौंदर्याकरण पर आपत्ति।
भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों ने उलिहातू के बिरसा ओड़ा में पर्यटन विभाग की ओर से कराए जा रहे सौंदर्याकरण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। वंशजों का आरोप है कि जिस जमीन पर काम कराया जा रहा है, वह उनके पूर्वजों के नाम दर्ज रैयती और खतियानी जमीन है।
भगवान बिरसा के वंशज बुधराम मुंडा जय बिरसा मुंडा आदिवासी युवा संगठन के साथ मंगलवार को डीसी जावेद हुसैन से मिले और ज्ञापन सौंपा। उनके अनुसार पर्यटन विभाग – ने करीब 2.35 करोड़ की लागत से – वहां सौंदर्याकरण का काम शुरू किया है, ।
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लेकिन निर्माण शुरू करने से पहले न तो उनकी सहमति ली गई और न ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर के नाम पर निजी जमीन पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। गांव में पहले से ही बिरसा कॉम्प्लेक्स की सरकारी जमीन उपलब्ध है। इसलिए सौंदर्याकरण का काम सरकारी भूमि पर कराना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 10 दिन के भीतर इसका हल निकालने का समय दिया। साथ ही चेताया कि ऐसा न होने पर उलिहातू से रांची में सीएम ऑफिस तक पदयात्रा की जाएगी। उधर, डीसी ने कहा कि बिरसा ओड़ा में सौंदर्याकरण का काम बातचीत के बाद शुरू किया जाएगा। वंशजों की कुछ मांगें हैं, जिनका समाधान कराया जाएगा।
