Washington: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने यूक्रेन के पक्ष में बड़ा दावा किया है। यूक्रेन दौरे के दौरान राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद पेंस ने कहा कि ‘यूक्रेन यह युद्ध जीत रहा है’ और उसकी सेना ने रूसी सैनिकों को मोर्चे पर गतिरोध में रोक दिया है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि सर्दियां करीब आने के साथ रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले कर सकता है और बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए इंटरसेप्टर की कमी गंभीर चुनौती बन सकती है। CNN से बातचीत में माइक पेंस ने कहा कि यूक्रेन की सेना ने रूस को मोर्चे पर गतिरोध में रोक रखा है। उन्होंने यूक्रेनी सैनिकों और आम नागरिकों के हौसले की भी तारीफ की। पेंस के मुताबिक, राष्ट्रपति जेलेंस्की से लेकर अग्रिम मोर्चे पर लड़ रहे सैनिकों और आम यूक्रेनियनों तक, रूस के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का दृढ़ संकल्प साफ दिखाई देता है। पेंस यूक्रेन की स्वतंत्रता और सोवियत संघ के विघटन के 35 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित राष्ट्रीय प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए वहां पहुंचे थे।
पेंस ने कहा कि यूक्रेन ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल का तरीका काफी हद तक बदल दिया है। उनके मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने रूस के अंदर तक ड्रोन हमले किए हैं और काला सागर में रूसी जहाजों को भी निशाना बनाया है। युद्ध में ड्रोन अब केवल निगरानी या छोटे हमलों तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि दोनों पक्ष बड़े पैमाने पर इनका इस्तेमाल दुश्मन के सैन्य ठिकानों, हथियारों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए कर रहे हैं। पेंस का यह बयान ऐसे समय आया जब रूस के एक कथित ‘डबल-टैप’ हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोग घायल होने की खबर सामने आई।सीएनएन के मुताबिक, यह हमला कीव पर हुए बड़े रूसी हमलों के बाद हुआ।
पेंस ने कहा कि रूस ने हाल के समय में यूक्रेन के खिलाफ ऊंचे प्रक्षेपवक्र वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल बढ़ाया है। पेंस ने यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता को लेकर कहा कि यूक्रेन के पास ड्रोन को रोकने की क्षमता है, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए उसे अत्याधुनिक इंटरसेप्टर सिस्टम की जरूरत है। यहीं पर पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी एक बड़ी समस्या बन रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के कारण दुनियाभर में पैट्रियट इंटरसेप्टर की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। सीएनएन ने बताया कि ईरान के हमलों से बचाव के दौरान अमेरिका अपने पैट्रियट मिसाइल भंडार का करीब आधा इस्तेमाल कर चुका है। माइक पेंस ने एक और बड़ी आशंका जताई।
